एक गुड़हल का फूल,
तेरी यादोँ के रंग सजाये है।
एक पागल की प्रीत ना जाने,
क्योँ दिल मेँ तुम्हेँ बसाये है॥
गम तो हजारोँ हैँ रोने को,
क्योँ नाहक आँसू बर्बाद करेँ।
चुपके से चुरालूँ उन लमहोँ की मस्ती,
यह दिल पागल, जिन्हे याद करे।
आजाओ बन कोई सपना तुम,
फूलोँ के संग,
भँवरे की गुनगुन,
मेरे गीतोँ का सुर बिखराये हैँ।
एक गुड़हल का फूल,
तेरी यादोँ के रंग सजाये है॥
दर्द बुरा है तनहाई का,
आँसू मेघा बन बरसेँगे।
मेरी आहोँ की आहट सुन सुन,
गम खा खा बादल गरजेँगे॥
लौटकर आजा जानेवाली,
उस वादी मेँ,
जहाँ एक दीवाना मुद्दत से,
वादोँ पर आस लगाये है।
एक गुड़हल का फूल,
तेरी यादोँ के रंग सजाये है॥
तेरी यादोँ के रंग सजाये है।
एक पागल की प्रीत ना जाने,
क्योँ दिल मेँ तुम्हेँ बसाये है॥
गम तो हजारोँ हैँ रोने को,
क्योँ नाहक आँसू बर्बाद करेँ।
चुपके से चुरालूँ उन लमहोँ की मस्ती,
यह दिल पागल, जिन्हे याद करे।
आजाओ बन कोई सपना तुम,
फूलोँ के संग,
भँवरे की गुनगुन,
मेरे गीतोँ का सुर बिखराये हैँ।
एक गुड़हल का फूल,
तेरी यादोँ के रंग सजाये है॥
दर्द बुरा है तनहाई का,
आँसू मेघा बन बरसेँगे।
मेरी आहोँ की आहट सुन सुन,
गम खा खा बादल गरजेँगे॥
लौटकर आजा जानेवाली,
उस वादी मेँ,
जहाँ एक दीवाना मुद्दत से,
वादोँ पर आस लगाये है।
एक गुड़हल का फूल,
तेरी यादोँ के रंग सजाये है॥

No comments:
Post a Comment